Weather Forecast Today Update In Uttarakhand News: Many Roads Closed In Kumaon – Weather Update: कुमाऊं में बारिश का कहर, बंद सड़कों ने बढ़ाई मुसीबत,यातायात ठप

0
22


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़/बागेश्वर
Updated Fri, 21 Aug 2020 12:07 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर कहीं भी, कभी भी।
*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। पिथौरागढ़ जिले में बारिश से बॉर्डर की दो सड़कों समेत 26 मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। सेरा में बुधवार देर रात एक मकान भरभराकर जमींदोज हो गया। उमरगड़ा में भी एक घर क्षतिग्रस्त हुआ है।बागेश्वर जिले में 14, अल्मोड़ा में एक, चंपावत और नैनीताल जिले में छह सड़कें बंद पड़ी हैं। सड़कें बंद होने से लोगों के लिए दैनिक जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। इधर, रामनगर क्षेत्र में बृहस्पतिवार को धनगढ़ी नाला उफान पर आ गया।इस दौरान नाले में फंसी एक खाली कार बह गई। गनीमत रही कि वाहन में सवार सभी छह यात्री पहले ही उतर गए थे। वहीं एक बाइक भी तेज बहाव में बह गई और बाइक सवार सकुशल बच गया।
डीडीहाट के खेतार कन्याल में बारिश से एक दर्जन पेयजल लाइनें ध्वस्त हो गईं।  यहां पांच मकान पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गए हैं। प्रभावितों ने पड़ोसियों के वहां शरण ले रखी है। चंपावत जिले में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौन-स्वांला के बाद अब बाराकोट के सिंगदा की पहाड़ी नई मुसीबत बनकर आई है।बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सिंगदा के पास पहाड़ी का एक हिस्सा दरक ने से छह घंटे यातायात ठप रहा। करीब 11:30 बजे एनएच से मलबा हटाया जा सका। लगातार हो रही बारिश से बागेश्वर जिले में चिड़ंग गांव में एक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त जबकि शौचालय ध्वस्त हो गया। बुधवार की शाम को 11 केवी की लाइन के कई पोल भूस्खलन से ढहने से 24 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।

सार
पिथौरागढ़ में 26, बागेश्वर में 14, चंपावत में 6 सड़कों पर यातायात ठप
लोगों के लिए दैनिक जरूरतों का सामान जुटाना हुआ मुश्किलमलबा आने से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग छह घंटे रहा बंद

विस्तार
कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। पिथौरागढ़ जिले में बारिश से बॉर्डर की दो सड़कों समेत 26 मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। सेरा में बुधवार देर रात एक मकान भरभराकर जमींदोज हो गया। उमरगड़ा में भी एक घर क्षतिग्रस्त हुआ है।

बागेश्वर जिले में 14, अल्मोड़ा में एक, चंपावत और नैनीताल जिले में छह सड़कें बंद पड़ी हैं। सड़कें बंद होने से लोगों के लिए दैनिक जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। इधर, रामनगर क्षेत्र में बृहस्पतिवार को धनगढ़ी नाला उफान पर आ गया।

इस दौरान नाले में फंसी एक खाली कार बह गई। गनीमत रही कि वाहन में सवार सभी छह यात्री पहले ही उतर गए थे। वहीं एक बाइक भी तेज बहाव में बह गई और बाइक सवार सकुशल बच गया।

डीडीहाट के खेतार कन्याल में बारिश से एक दर्जन पेयजल लाइनें ध्वस्त हो गईं।  यहां पांच मकान पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गए हैं। प्रभावितों ने पड़ोसियों के वहां शरण ले रखी है। चंपावत जिले में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौन-स्वांला के बाद अब बाराकोट के सिंगदा की पहाड़ी नई मुसीबत बनकर आई है।बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सिंगदा के पास पहाड़ी का एक हिस्सा दरक ने से छह घंटे यातायात ठप रहा। करीब 11:30 बजे एनएच से मलबा हटाया जा सका। लगातार हो रही बारिश से बागेश्वर जिले में चिड़ंग गांव में एक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त जबकि शौचालय ध्वस्त हो गया। बुधवार की शाम को 11 केवी की लाइन के कई पोल भूस्खलन से ढहने से 24 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here