Uttarakhand Weather Updates: High Rainfall Bageshwar, Landslide On Badrinath Highway And Mussoorie – उत्तराखंड: बागेश्वर में मूसलाधार बारिश से घरों में घुसा पानी, मसूरी में पहाड़ी दरकी, भूस्खलन से 11 घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे

0
58


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 21 Jun 2020 05:41 PM IST

भूस्खलन से रास्ता बंद
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर Free मेंकहीं भी, कभी भी।
70 वर्षों से करोड़ों पाठकों की पसंद

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

उत्तराखंड में शनिवार की देर रात बागेश्वर और कपकोट में करीब डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। बारिश इतनी तेज थी कि लोगों के घरों में पानी और मलबा घुस गया। सड़कें भी मलबे से पट गईं।देर रात करीब दस बजे जिला मुख्यालय के साथ ही कपकोट में हवा के साथ मूसलाधार बारिश देख लोग सिहर उठे। बारिश के कारण घरों में पानी घुसने से कई घरों में सामान खराब हो गया। लोगों को बारिश से बचाव के उपाय करने पड़े। करीब साढ़े ग्यारह बजे बारिश रुकने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।बताया जा रहा है कि गोमती पुल के पास निर्माणाधीन स्क्रवर की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाई। रविवार सुबह सड़कों में पटा मलबा हटाया गया। सड़कों में जलभराव होने के पीछे बंद पड़ी निकास नालियां भी प्रमुख कारण है। तहसील रोड में सड़क किनारे नालियां मलबे से पटी हैं। नालियों को साफ करने की ओर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऊफान पर सरयू और गोमती नदीदेर रात हुई मूसलाधार बारिश से सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ गया। नदियां मटमैली हो गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को सरयू का जलस्तर 866 मीटर, गोमती का जलस्तर 862.50 मीटर था। दोनों नदियों का चेतावनी स्तर 869 मीटर और खतरे का निशान 870.70 मीटर है।
कोड़िया में चट्टान का एक हिस्सा टूटने से बदरीनाथ हाईवे करीब ग्यारह घंटे तक बंद रहा। यहां ऑलवेदर रोड परियोजना के काम के दौरान चट्टानी भाग पर बड़े-बड़े बोल्डर अटके हुए थे। गनीमत यह रही कि चट्टान का हिस्सा दिन के वक्त नहीं टूटा। अगर ऐसा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।  इन दिनों बिरही से पीपलकोटी तक जगह-जगह ऑलवेदर रोड के तहत हिल कटिंग का चल रहा है। कई जगहों पर सड़क चट्टानी भाग से होकर गुजरती है। शनिवार को रात करीब ग्यारह बजे बिरही से करीब दो किलोमीटर दूर कोड़िया में अचानक चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया। चट्टान से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा हाईवे पर गिर गया। रविवार को सुबह छह बजे जब वाहनों की आवाजाही शुरु हुई तो यहां हाईवे अवरुद्घ होने से वाहनों के पहिए थम गए। हाईवे के दोनों ओर देखते ही देखते वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सुबह सात बजे से हाईवे पर रास्ता खोलने का काम शुरू हुआ। तब जाकर सुबह दस बजे तक हाईवे पर आवाजाही सुचारू हो सकी। 
वहीं, रविवार दोपहर को मसूरी देहरादून मार्ग पर भट्टे के पास अचानक भारी भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से बड़े बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा। जिससे रास्ता बंद हो गया। रास्ता बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं, गलोगी पावर हाऊस के पास शाम को अचानक पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी को दरकता देख सड़क के दोनों ओर फंसे लोग हैरानी में पड़ गए। पहाड़ी दरकने का वीडियो किसी राहगीर ने सोशल मीडिया पर डाल दिया। जिसके बाद यहा वायरल हो गया।  

उत्तराखंड में शनिवार की देर रात बागेश्वर और कपकोट में करीब डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। बारिश इतनी तेज थी कि लोगों के घरों में पानी और मलबा घुस गया। सड़कें भी मलबे से पट गईं।

देर रात करीब दस बजे जिला मुख्यालय के साथ ही कपकोट में हवा के साथ मूसलाधार बारिश देख लोग सिहर उठे। बारिश के कारण घरों में पानी घुसने से कई घरों में सामान खराब हो गया। लोगों को बारिश से बचाव के उपाय करने पड़े। करीब साढ़े ग्यारह बजे बारिश रुकने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

बताया जा रहा है कि गोमती पुल के पास निर्माणाधीन स्क्रवर की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाई। रविवार सुबह सड़कों में पटा मलबा हटाया गया। सड़कों में जलभराव होने के पीछे बंद पड़ी निकास नालियां भी प्रमुख कारण है। तहसील रोड में सड़क किनारे नालियां मलबे से पटी हैं। नालियों को साफ करने की ओर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऊफान पर सरयू और गोमती नदीदेर रात हुई मूसलाधार बारिश से सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ गया। नदियां मटमैली हो गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को सरयू का जलस्तर 866 मीटर, गोमती का जलस्तर 862.50 मीटर था। दोनों नदियों का चेतावनी स्तर 869 मीटर और खतरे का निशान 870.70 मीटर है।

भूस्खलन से 11 घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे

कोड़िया में चट्टान का एक हिस्सा टूटने से बदरीनाथ हाईवे करीब ग्यारह घंटे तक बंद रहा। यहां ऑलवेदर रोड परियोजना के काम के दौरान चट्टानी भाग पर बड़े-बड़े बोल्डर अटके हुए थे। गनीमत यह रही कि चट्टान का हिस्सा दिन के वक्त नहीं टूटा। अगर ऐसा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।  इन दिनों बिरही से पीपलकोटी तक जगह-जगह ऑलवेदर रोड के तहत हिल कटिंग का चल रहा है। कई जगहों पर सड़क चट्टानी भाग से होकर गुजरती है। शनिवार को रात करीब ग्यारह बजे बिरही से करीब दो किलोमीटर दूर कोड़िया में अचानक चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया। चट्टान से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा हाईवे पर गिर गया। रविवार को सुबह छह बजे जब वाहनों की आवाजाही शुरु हुई तो यहां हाईवे अवरुद्घ होने से वाहनों के पहिए थम गए। हाईवे के दोनों ओर देखते ही देखते वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सुबह सात बजे से हाईवे पर रास्ता खोलने का काम शुरू हुआ। तब जाकर सुबह दस बजे तक हाईवे पर आवाजाही सुचारू हो सकी। 

मसूरी देहरादून मार्ग पर भूस्खलन से रास्ता बंद

वहीं, रविवार दोपहर को मसूरी देहरादून मार्ग पर भट्टे के पास अचानक भारी भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से बड़े बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा। जिससे रास्ता बंद हो गया। रास्ता बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं, गलोगी पावर हाऊस के पास शाम को अचानक पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी को दरकता देख सड़क के दोनों ओर फंसे लोग हैरानी में पड़ गए। पहाड़ी दरकने का वीडियो किसी राहगीर ने सोशल मीडिया पर डाल दिया। जिसके बाद यहा वायरल हो गया।  

आगे पढ़ें

भूस्खलन से 11 घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here