Uttarakhand Weather Update : Monsoon Clouds Prevailed In State, Process Of Rain Fall Will Continue Till 16 July – Uttarakhand Weather : आज इन दो जिलों में यलो अलर्ट, 16 तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

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आसमान में छाए बादल (फाइल)
– फोटो : अमर उजाला

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प्रदेशभर में रविवार को मानसूनी बादल छा गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 16 जुलाई तक बारिश का सिलसिला प्रदेशभर में जारी रहेगा। वहीं, सोमवार को नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।उत्तराखंड: खोह नदी में बने गड्ढे में डूबने से दो चचेरे भाईयों की मौत, नहाने गए थे दोनोंप्रदेशभर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहे। अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने साप्ताहिक बुलेटिन जारी किया है, जिसके मुताबिक 16 जुलाई तक प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला चलेगा।मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि इस दौरान कई जिलों में भारी तो अनेक जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी।उन्होंने बताया कि सोमवार को जहां प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश होगी, वहीं, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।वहीं, राजधानी में भी सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आ सकती है। वहीं, उमस से भी राहत मिलने की उम्मीद है। 
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बाद हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। चेतावनी के निशान 293 मीटर से एक मीटर कम 292 पर गंगा का जलस्तर पहुंचा गया है। गंगा के किनारे ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है और बाढ़ चौकियों पर ताले लटके हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी अलर्ट जारी करने के बाद क्षेत्रों का निरीक्षण कर हकीकत जानने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। मालूम हो कि श्यामपुर से लेकर लक्सर तक गंगा के किनारे के इलाके बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं। हर साल बरसात में गंगा का पानी तटबंधों को तोड़कर खेतों तक पहुंच जाता है। 2013 की आपदा के समय तो बहुत नुकसान हुआ था।बिशनपुर कुंडी और पुरानी कुंडी गांव गंगा किनारे स्थित हैं। यहां बाढ़ आने का सबसे ज्यादा खतरा होता है। इसलिए यहां जिला प्रशासन मानसून आने से पहले ही बाढ़ चौकी खोल देता है। इस बाद भी पंचायत घर में बाढ़ चौकी पर कर्मचारी की तैनाती की गई थी। यहां कर्मचारी पहुंचा ही नहीं और ताला लटका है। ग्रामीण कुंवरपाल, चमनलाल, सतपाल, ब्रजपाल, गीतू राम आदि कहना है कि गंगा किनारे क्षतिग्रस्त तटबंधों के कारण इस बार भी बाढ़ का खतरा है। सिंचाई विभाग ने समय रहते तटबंधों की मरम्मत नहीं की। अब प्रशासन ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लापरवाह बना है। ग्राम प्रधान सविता देवी और उप प्रधान सुखदेव पाल का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और ग्रामीणों को अलर्ट करने वाला कर्मचारी लापता है। बिशनपुर कुंडी में बाढ़ सुरक्षा चौकी पर कर्मचारी की तैनाती की गई थी। कर्मचारी के नदारद रहने की जानकारी लेकर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। – कुश्म चौहान, एसडीएम हरिद्वार।

प्रदेशभर में रविवार को मानसूनी बादल छा गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 16 जुलाई तक बारिश का सिलसिला प्रदेशभर में जारी रहेगा। वहीं, सोमवार को नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तराखंड: खोह नदी में बने गड्ढे में डूबने से दो चचेरे भाईयों की मौत, नहाने गए थे दोनों

प्रदेशभर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहे। अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने साप्ताहिक बुलेटिन जारी किया है, जिसके मुताबिक 16 जुलाई तक प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला चलेगा।

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि इस दौरान कई जिलों में भारी तो अनेक जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी।उन्होंने बताया कि सोमवार को जहां प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश होगी, वहीं, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।वहीं, राजधानी में भी सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आ सकती है। वहीं, उमस से भी राहत मिलने की उम्मीद है। 

गंगा चेतावनी के निशान के पास बाढ़ चौकी पर ताला  

पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बाद हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। चेतावनी के निशान 293 मीटर से एक मीटर कम 292 पर गंगा का जलस्तर पहुंचा गया है। गंगा के किनारे ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है और बाढ़ चौकियों पर ताले लटके हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी अलर्ट जारी करने के बाद क्षेत्रों का निरीक्षण कर हकीकत जानने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। मालूम हो कि श्यामपुर से लेकर लक्सर तक गंगा के किनारे के इलाके बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं। हर साल बरसात में गंगा का पानी तटबंधों को तोड़कर खेतों तक पहुंच जाता है। 2013 की आपदा के समय तो बहुत नुकसान हुआ था।बिशनपुर कुंडी और पुरानी कुंडी गांव गंगा किनारे स्थित हैं। यहां बाढ़ आने का सबसे ज्यादा खतरा होता है। इसलिए यहां जिला प्रशासन मानसून आने से पहले ही बाढ़ चौकी खोल देता है। इस बाद भी पंचायत घर में बाढ़ चौकी पर कर्मचारी की तैनाती की गई थी। यहां कर्मचारी पहुंचा ही नहीं और ताला लटका है। ग्रामीण कुंवरपाल, चमनलाल, सतपाल, ब्रजपाल, गीतू राम आदि कहना है कि गंगा किनारे क्षतिग्रस्त तटबंधों के कारण इस बार भी बाढ़ का खतरा है। सिंचाई विभाग ने समय रहते तटबंधों की मरम्मत नहीं की। अब प्रशासन ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लापरवाह बना है। ग्राम प्रधान सविता देवी और उप प्रधान सुखदेव पाल का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और ग्रामीणों को अलर्ट करने वाला कर्मचारी लापता है। बिशनपुर कुंडी में बाढ़ सुरक्षा चौकी पर कर्मचारी की तैनाती की गई थी। कर्मचारी के नदारद रहने की जानकारी लेकर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। – कुश्म चौहान, एसडीएम हरिद्वार।

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गंगा चेतावनी के निशान के पास बाढ़ चौकी पर ताला  



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