Uttarakhand: Students Get Chance To Do Re Exam For Colleges And Universities Exam – उत्तराखंड: 24 अगस्त से शुरू हो रहीं विश्वविद्यालय की परीक्षाएं, छूटने पर छात्र- छात्राओं को दोबारा मिलेगा मौका

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 14 Jul 2020 12:16 AM IST

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उत्तराखंड में 24 अगस्त से विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हो रही है। इसके लिए बाहरी राज्यों के छात्र- छात्राओं को एक अगस्त तक कॉलेजों में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन छात्र छात्राओं के लिए थोड़ी राहत की बात ये है कि यदि किसी के क्वारंटीन रहने या अन्य किसी कारण से परीक्षा छूट जाती है। तो उसे फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा।विश्वविद्यालय परीक्षा में प्रदेश के कॉलेजों के करीब 80 हजार छात्र-छात्राएं बैठेंगे। इनमें से 25000 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जो बाहरी राज्यों के रहने वाले हैं। परीक्षा के लिए बाहर से आने वाले इन छात्र-छात्राओं को कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।यह परेशानी बाहरी राज्यों के साथ ही प्रदेश के छात्रों के सामने भी कोई समस्या आ सकती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन दिनों कुछ छात्र कंटेनमेंट जोन में हो सकते हैं। वहीं कुछ छात्र क्वारंटीन हो सकते हैं। ऐसे में उनकी परीक्षा छूट सकती है।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा.धन सिंह रावत के मुताबिक इन परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि यदि किसी छात्र का पेपर छूट गया, तो उसे अलग से परीक्षा देने का मौका मिलेगा।परीक्षा के लिए प्रदेश के बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों को क्वारंटीन होने से बचना है, तो उन्हें यहां आने से पहले अपना कोरोना टेस्ट कराना होगा। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा.धन सिंह रावत के अनुसार बाहरी राज्यों से आने वाले छात्र-छात्राओं को कहा गया है कि यहां आने से पहले अपने राज्य में ही कोरोना टेस्ट करा लें।इसके बाद उत्तराखंड आए, ताकि क्वारंटीन रहने की अनिवार्यता से बच सकें। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उनका यहां भी कोरोना टेस्ट कराया जा सकता है।

सार
प्रदेश से बाहर के छात्रों एक अगस्त तक उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश

विस्तार
उत्तराखंड में 24 अगस्त से विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हो रही है। इसके लिए बाहरी राज्यों के छात्र- छात्राओं को एक अगस्त तक कॉलेजों में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन छात्र छात्राओं के लिए थोड़ी राहत की बात ये है कि यदि किसी के क्वारंटीन रहने या अन्य किसी कारण से परीक्षा छूट जाती है। तो उसे फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा।

विश्वविद्यालय परीक्षा में प्रदेश के कॉलेजों के करीब 80 हजार छात्र-छात्राएं बैठेंगे। इनमें से 25000 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जो बाहरी राज्यों के रहने वाले हैं। परीक्षा के लिए बाहर से आने वाले इन छात्र-छात्राओं को कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

यह परेशानी बाहरी राज्यों के साथ ही प्रदेश के छात्रों के सामने भी कोई समस्या आ सकती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन दिनों कुछ छात्र कंटेनमेंट जोन में हो सकते हैं। वहीं कुछ छात्र क्वारंटीन हो सकते हैं। ऐसे में उनकी परीक्षा छूट सकती है।

उत्तराखंड आने से पहले छात्र कराएं कोरोना टेस्ट

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा.धन सिंह रावत के मुताबिक इन परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि यदि किसी छात्र का पेपर छूट गया, तो उसे अलग से परीक्षा देने का मौका मिलेगा।परीक्षा के लिए प्रदेश के बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों को क्वारंटीन होने से बचना है, तो उन्हें यहां आने से पहले अपना कोरोना टेस्ट कराना होगा। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा.धन सिंह रावत के अनुसार बाहरी राज्यों से आने वाले छात्र-छात्राओं को कहा गया है कि यहां आने से पहले अपने राज्य में ही कोरोना टेस्ट करा लें।इसके बाद उत्तराखंड आए, ताकि क्वारंटीन रहने की अनिवार्यता से बच सकें। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उनका यहां भी कोरोना टेस्ट कराया जा सकता है।

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उत्तराखंड आने से पहले छात्र कराएं कोरोना टेस्ट



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