Uttarakhand High Court Chief Justice Ramesh Ranganathan Retires Today – उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन हुए रिटायर, दी भावभीनी विदाई

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Updated Mon, 27 Jul 2020 11:38 PM IST

मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन
– फोटो : अमर उजाला

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नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन की सेवानिवृत्ति पर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में वक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश के 21 माह के कार्यकाल की सराहना की। वरिष्ठ न्यायाधीश रवि मलिमथ ने मुख्य न्यायाधीश के ऐतिहासिक फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि यह फैसले हमेशा याद रखे जाएंगे। हाईकोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन ने कहा कि उनका गृह क्षेत्र केरल कई मामलों में सुंदर प्रदेश है, लेकिन उत्तराखंड जैसी सुंदरता कहीं नहीं देखी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने बार का बहुत प्यार पाया, जिस भूल पाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने न्यायिक कार्यों के निर्वहन में अपने स्टाफ,  हाईकोर्ट के सभी न्यायमूर्ति व रजिस्ट्री कार्यालय का आभार जताया।कहा कि कोविड-19 का सबसे बड़ा असर न्यायपालिका पर पड़ा है। इसके बावजूद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वाद सुने जा रहे हैं। इस दौर में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से जूनियर, जरूरतमंद अधिवक्ताओं की मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा कमजोर होने से अधिवक्ताओं ने हिंदी का अंग्रेजी में अनुवाद कर उनकी मदद की। उनकी हिंदी बहुत की कमजोर है लेकिन यहां कि बार ने उन्हें हिंदी सिखाई। उन्होंने सेवाकाल के अंतिम दिन उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण निर्णय देकर एनआईटी कैंपस का महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। विदाई समारोह में न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह, न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे, न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति एनएस धानिक, न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी, न्यायमूर्ति आलोक वर्मा, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट आदि रहे। समारोह का संचालन रजिस्ट्रार जनरल हीरासिंह बोनाल ने किया।

सार
वरिष्ठ न्यायाधीश मलिमथ बोले, सीजे के ऐतिहासिक फैसले हमेशा याद रहेंगे

विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन की सेवानिवृत्ति पर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में वक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश के 21 माह के कार्यकाल की सराहना की। वरिष्ठ न्यायाधीश रवि मलिमथ ने मुख्य न्यायाधीश के ऐतिहासिक फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि यह फैसले हमेशा याद रखे जाएंगे। 

हाईकोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन ने कहा कि उनका गृह क्षेत्र केरल कई मामलों में सुंदर प्रदेश है, लेकिन उत्तराखंड जैसी सुंदरता कहीं नहीं देखी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने बार का बहुत प्यार पाया, जिस भूल पाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने न्यायिक कार्यों के निर्वहन में अपने स्टाफ,  हाईकोर्ट के सभी न्यायमूर्ति व रजिस्ट्री कार्यालय का आभार जताया।

कहा कि कोविड-19 का सबसे बड़ा असर न्यायपालिका पर पड़ा है। इसके बावजूद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वाद सुने जा रहे हैं। इस दौर में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से जूनियर, जरूरतमंद अधिवक्ताओं की मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा कमजोर होने से अधिवक्ताओं ने हिंदी का अंग्रेजी में अनुवाद कर उनकी मदद की। उनकी हिंदी बहुत की कमजोर है लेकिन यहां कि बार ने उन्हें हिंदी सिखाई। 

उन्होंने सेवाकाल के अंतिम दिन उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण निर्णय देकर एनआईटी कैंपस का महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। विदाई समारोह में न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह, न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे, न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति एनएस धानिक, न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी, न्यायमूर्ति आलोक वर्मा, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट आदि रहे। समारोह का संचालन रजिस्ट्रार जनरल हीरासिंह बोनाल ने किया।



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