Uttarakhand: Garhwal Commissioner Will Investigate Allegations On Uttarkashi Jilla Panchayat President – उत्तराखंड: गढ़वाल आयुक्त करेंगे उत्तरकाशी जिपं अध्यक्ष पर लगे आरोपों की जांच, डीएम की रिपोर्ट में हुई घोटालों की पुष्टि

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उत्तरकाशी के जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण सहित कई अधिकारियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। शासन ने गढ़वाल मंडल आयुक्त को जांच अधिकारी बनाते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उत्तराकाशी जिलाधिकारी की जांच आख्या में आरोपों की पुष्टि होने पर यह निर्णय लिया गया है।पंचायत राज सचिव हरिचंद्र सेमवाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मंडल आयुक्त को सभी दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। शासन से कुछ समय पहले ही जिला पंचायत के कई सदस्यों ने उत्तरकाशी जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, अवर अभियंता विक्रम सिंह रावत, समस्त अवर अभियंता, पूर्व अपर मुख्य अधिकारी संजय कुमार, कर अधिकारी चंदन सिंह के खिलाफ घोटाले की शिकायत की थी। शासन ने इस शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी उत्तरकाशी को जांच के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट में कई गंभीर आरोपों की पुष्टि हो रही है। प्रारंभिक जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं हैं। इसी को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने का फैसला किया गया है। शासन के मुताबिक मंडलायुक्त को मामले से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। मंडलायुक्त के स्तर से हो रही इस जांच को अंतिम और निर्णायक जांच बताया जा रहा है।
डीजीपी अशोक कुमार ने नैनीताल जिले के पीरूमदारा चौकी प्रभारी को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। चौकी प्रभारी क्षेत्र में हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास नहीं कर रहे थे। इस बात को लेकर समय समय पर उन्हें निर्देशित भी किया गया था। बावजूद उन्होंने कोई काम नहीं किया। बुधवार को डीजीपी ने एसएसपी नैनीताल को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में इस पीरूमदारा क्षेत्र में कुल 13 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 10 लोगों ने अपनी जान गंवाई और इससे ज्यादा घायल हो गए। दुर्घटनाओं के बाद चौकी प्रभारी इस तरह की घातक दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने पर नाकाम रहे। दुर्घटनाओं से संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कोई बैठक नहीं की गई।क्षेत्र के डेंजर जोन, ब्लैक स्पॉट या अन्य कोई खामियां जानने के प्रयास नहीं किए गए। नतीजा यह हुआ कि बीती 25 जनवरी को दुखद हादसा हुआ। एक ट्रैक्टर ट्रॉली ने दो बच्चों को टक्कर मार दी थी। इसमें एक की मौके पर ही मृत्यु हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस हादसे के बाद क्षेत्रीय जनता ने आंदोलन भी किया और पुलिसिंग व्यवस्था पर आरोप भी लगाए। 

उत्तरकाशी के जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण सहित कई अधिकारियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। शासन ने गढ़वाल मंडल आयुक्त को जांच अधिकारी बनाते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उत्तराकाशी जिलाधिकारी की जांच आख्या में आरोपों की पुष्टि होने पर यह निर्णय लिया गया है।

पंचायत राज सचिव हरिचंद्र सेमवाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मंडल आयुक्त को सभी दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। शासन से कुछ समय पहले ही जिला पंचायत के कई सदस्यों ने उत्तरकाशी जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, अवर अभियंता विक्रम सिंह रावत, समस्त अवर अभियंता, पूर्व अपर मुख्य अधिकारी संजय कुमार, कर अधिकारी चंदन सिंह के खिलाफ घोटाले की शिकायत की थी। शासन ने इस शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी उत्तरकाशी को जांच के निर्देश दिए थे। 

जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट में कई गंभीर आरोपों की पुष्टि हो रही है। प्रारंभिक जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं हैं। इसी को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने का फैसला किया गया है। शासन के मुताबिक मंडलायुक्त को मामले से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। मंडलायुक्त के स्तर से हो रही इस जांच को अंतिम और निर्णायक जांच बताया जा रहा है।

दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम चौकी प्रभारी निलंबित

डीजीपी अशोक कुमार ने नैनीताल जिले के पीरूमदारा चौकी प्रभारी को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। चौकी प्रभारी क्षेत्र में हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास नहीं कर रहे थे। इस बात को लेकर समय समय पर उन्हें निर्देशित भी किया गया था। बावजूद उन्होंने कोई काम नहीं किया। 
बुधवार को डीजीपी ने एसएसपी नैनीताल को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में इस पीरूमदारा क्षेत्र में कुल 13 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 10 लोगों ने अपनी जान गंवाई और इससे ज्यादा घायल हो गए। दुर्घटनाओं के बाद चौकी प्रभारी इस तरह की घातक दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने पर नाकाम रहे। दुर्घटनाओं से संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कोई बैठक नहीं की गई।
क्षेत्र के डेंजर जोन, ब्लैक स्पॉट या अन्य कोई खामियां जानने के प्रयास नहीं किए गए। नतीजा यह हुआ कि बीती 25 जनवरी को दुखद हादसा हुआ। एक ट्रैक्टर ट्रॉली ने दो बच्चों को टक्कर मार दी थी। इसमें एक की मौके पर ही मृत्यु हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस हादसे के बाद क्षेत्रीय जनता ने आंदोलन भी किया और पुलिसिंग व्यवस्था पर आरोप भी लगाए। 

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