Uttarakhand Cabinet Meeting Decision, Ban On Transportation And Carrying Sand And Gravel Out Of The State – उत्तराखंड: प्रदेश से बाहर रेत-बजरी लाने और ले जाने पर प्रतिबंध, पढ़ें कैबिनेट के अन्य फैसले…

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
– फोटो : फाइल फोटो

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उत्तराखंड में नदियों से निकाली जाने वाली खनन सामग्री (आरबीएम) को प्रदेश से बाहर ले जाने और बाहरी राज्यों से प्रदेश में लाने पर रोक लगा दी गई है। इससे राज्य में चल रहे निर्माण कार्यों में खनन सामग्री की मांग पूरी हो सकेगी और राज्य के लोगों को भवनों के निर्माण के लिए खनन सामग्री उचित दरों पर उपलब्ध हो सकेगी। बुधवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। आरबीएम दूसरे राज्यों में ले जाने और वहां से लाने पर रोक लगने से पड़ोसी राज्यों खासकर यूपी और हिमाचल से अवैध खनन पर भी रोक लगेगी। इसके साथ ही राज्य में चल रहे महाकुंभ, ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना, एचएएआई की सड़क योजनाओं के लिए आरबीएम आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: सरकारी अस्पतालों में 1020 नर्सिंग स्टाफ की भर्ती को मंजूरी, मानकों के अनुरूप होगी तैनातीवहीं, बैठक में  दूसरा अहम फैसला सरकारी जमीनों के बंदर बांट पर रोक लगाने को लेकर हुआ। अब नीलामी के माध्यम से न्यूनतम बाजार दर पर सरकारी भूमि मिल सकेगी। सरकार ने इसकी नीति तय कर दी है। पर्यटन, उद्योग, पेयजल से जुड़े कार्यों के लिए सर्किल रेट पर भूमि मिल सकेगी। और सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट में 22 प्रस्तावों पर चर्चा हुई जिनमें से 21 पर निर्णय लिया गया है।
प्रदेश के किसानों को सरकार सहकारी बैंकों के माध्यम से तीन लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण देगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 3.68 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। किसानों की आय दोगुनी करने के मकसद से प्रदेश सरकार ने पं.दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत एक लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की घोषणा की थी। जिसे तीन लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया है। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।आदर्श कृषि ग्रामीण योजना को मंजूरीकैबिनेट ने आदर्श कृषि ग्रामीण योजना को मंजूरी दे दी है। 95 ब्लाकों के 95 गांवों में पायलट आधार पर योजना शुरू होगी। गांवों का चयन डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी ग्राम सभा की खुली बैठक के माध्यम से करेगी। योजना के तहत 10 हेक्टेयर तक पर क्लस्टर बनेंगे। एक योजना में 100 किसान शामिल होंगे। इसके लिए एक रिवोल्विंड फंड बनेगा, जिसमें सरकार 15 लाख रुपये की सीड मनी उपलब्ध कराएगी।मुख्यमंत्री राहत कोष में 154.56 करोड़ जमाकैबिनेट में कोविड-19 महामारी के बाद मुख्यमंत्री राहत कोष में 154.56 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। यह धनराशि 15 मार्च 2020 से 25 जून 2020 के मध्य कोष में दान के रूप में आई। कैबिनेट में फंड के हिसाब किताब पर चर्चा हुई। तय हुआ फंड की देखरेख के लिए वित्त विभाग का एक अधिकारी रखा जाएगा।गांवों में एक रुपये में पानी का कनेक्शनकैबिनेट ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को एक रुपये में पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। शासकीय प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि गांव के हर परिवार को एक रुपये में कनेक्शन मिलेगा। 
1. नदी किनारे पुराने स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट को राहत, पुरानी नियमावली होगी लागू। उत्तराखंड स्टोन क्रशर प्लांट, मोबाइल, हॉट मिक्स प्लांट नीति 2020 के तहत कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशें मंजूर। गंगा नदी के किनारे डेढ़ किमी, मैदानी नदी के किनारे एक किमी, बरसाती नदी के किनारे 500 मीटर तक प्लांट लगाने की अनुमति दी गई। पर्वतीय क्षेत्र में पूर्ववत व्यवस्था। 2.  उत्तराखंड खनिज अवैध खनन भंडारण नियमावली 2020 मंजूर। डीएम के स्तर तय होगी मंजूरी। मोबाइल, स्टोन क्रशर के लिए दो वर्ष, रिटेल भंडारण के लिए पांच वर्ष की अनुमति। लाइसेंस शुल्क 25 हजार हजार तक बढ़ाया। खरीद फरोख्त नकद नहीं होगी।3.  श्रीकोट सरस्वती विद्या मन्दिर इंटर कॉलेज के लिए 0.326 हेक्टेयर पट्टे पर निशुल्क भूमि दी गई। 4.  कैंपा योजना निधि प्रबंधन के लिए विभागीय ढांचे में 29 पदों की मंजूरी।5.  उत्तराखंड राज्य परिवहन निधि नियमावली 2020 में संशोधन, प्राप्त धनराशि सीधे ट्रेजरी में जमा होगी। 6.  उद्योग एजेंसी के जरिये कार्मिक आउटसोर्स पर नहीं रखेंगे। विज्ञप्ति से करेंगे भर्ती, औद्योगिक नियोजन आर्दश नियमावली में संशोधन।7.  उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग नियमावली में पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर के आरक्षण को शामिल किया गया।8.  ऋषिकेश भोगपुर मैसर्स गंगा डिजायन स्टूडियो फर्म के न्यूनतम मार्ग में छूट दी गई।9.  देहरादून अर्बन सिलिंग होम के लिए एमडीडीए को स्थानांतरित भू उपयोग भूमि की गलती में सुधार।10. राज्य सरकार के कल्याणकारी नीति के प्रचार प्रसार के लिए केंद्र की एजेंसी ब्राडकास्ट इंजीनियरिंग कंसलटेंट लि. से अनुबंध को मंजूरी।11.  उत्तराखंड विज्ञापन अनुश्रवण समिति में वरिष्ठ पत्रकार को मिलेगी जगह, नियम में संशोधन।12.  श्रम विभाग में ईएसआई चिकित्साधिकारी के लिए प्रेक्टिस भत्ते को अनुमति।13.  अमृतसर, कोलकाता इंडस्ट्रियल समेकित निर्माण समूह, ऊधमसिंह नगर में फिल्म सिटी, साइबर पार्क, एसईजेड के लिए तीन हजार एकड़ भूमि में से प्रथम चरण के लिए एक हजार एकड़ भूमि दी जाएगी।15.  ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व में 2220 रुपये जल संयोजन को कम करके केवल 1 रुपये संकेत के रूप में लेने का निर्णय लिया गया है।16.  नर्सिंग शिक्षक सेवा नियमावली को मंजूरी।17.  विधानसभा सदस्यों के लोन लेने की नियमावली में संशोधन।
केंद्र सरकार की अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए सरकार ने ऊधमसिंह नगर जिले के खुरपिया में सिडकुल की एक हजार एकड़ भूमि देने की मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश में स्थापित उद्योगों के माल को बंदरगाह तक पहुंचाने में आसानी होगी और उन्हें अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की तर्ज पर अमृतसर-कोलकाता कॉरिडोर के लिए प्रदेश सरकार ने पहले चरण में एक हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार कॉरिडोर से 100 से 150 किलोमीटर के दायरे में आने औद्योगिक क्षेत्रों को इससे जोड़ रही है। केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इंपलीमेंट ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) ने तीन हजार एकड़ जमीन की मांग की थी।पहले चरण में सरकार ने खुरपिया में सिडकुल के अधीन एक हजार एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया है। काम आगे बढ़ने पर दो हजार एकड़ जमीन और देने पर सरकार फैसला लेगी। कॉरिडोर के तहत खुरपिया में साइबर पार्क, एसइजेड, फिल्म सिटी, माल को निर्यात करने से संबंधित संबंधित सुविधा उद्योगों को मिलेगी। एनआईसीडीआईटी के सहयोग से डीपीआर तैयार की जाएगी।

सार
कैबिनेट का फैसला : सरकारी जमीनों के बंदर बांट पर रोक, नीति बनी

विस्तार
उत्तराखंड में नदियों से निकाली जाने वाली खनन सामग्री (आरबीएम) को प्रदेश से बाहर ले जाने और बाहरी राज्यों से प्रदेश में लाने पर रोक लगा दी गई है। इससे राज्य में चल रहे निर्माण कार्यों में खनन सामग्री की मांग पूरी हो सकेगी और राज्य के लोगों को भवनों के निर्माण के लिए खनन सामग्री उचित दरों पर उपलब्ध हो सकेगी। 

बुधवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। आरबीएम दूसरे राज्यों में ले जाने और वहां से लाने पर रोक लगने से पड़ोसी राज्यों खासकर यूपी और हिमाचल से अवैध खनन पर भी रोक लगेगी। इसके साथ ही राज्य में चल रहे महाकुंभ, ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना, एचएएआई की सड़क योजनाओं के लिए आरबीएम आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: सरकारी अस्पतालों में 1020 नर्सिंग स्टाफ की भर्ती को मंजूरी, मानकों के अनुरूप होगी तैनातीवहीं, बैठक में  दूसरा अहम फैसला सरकारी जमीनों के बंदर बांट पर रोक लगाने को लेकर हुआ। अब नीलामी के माध्यम से न्यूनतम बाजार दर पर सरकारी भूमि मिल सकेगी। सरकार ने इसकी नीति तय कर दी है। पर्यटन, उद्योग, पेयजल से जुड़े कार्यों के लिए सर्किल रेट पर भूमि मिल सकेगी। और सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट में 22 प्रस्तावों पर चर्चा हुई जिनमें से 21 पर निर्णय लिया गया है।

किसानों को तीन लाख तक ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा

प्रदेश के किसानों को सरकार सहकारी बैंकों के माध्यम से तीन लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण देगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 3.68 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। किसानों की आय दोगुनी करने के मकसद से प्रदेश सरकार ने पं.दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत एक लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की घोषणा की थी। जिसे तीन लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया है। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।आदर्श कृषि ग्रामीण योजना को मंजूरीकैबिनेट ने आदर्श कृषि ग्रामीण योजना को मंजूरी दे दी है। 95 ब्लाकों के 95 गांवों में पायलट आधार पर योजना शुरू होगी। गांवों का चयन डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी ग्राम सभा की खुली बैठक के माध्यम से करेगी। योजना के तहत 10 हेक्टेयर तक पर क्लस्टर बनेंगे। एक योजना में 100 किसान शामिल होंगे। इसके लिए एक रिवोल्विंड फंड बनेगा, जिसमें सरकार 15 लाख रुपये की सीड मनी उपलब्ध कराएगी।मुख्यमंत्री राहत कोष में 154.56 करोड़ जमाकैबिनेट में कोविड-19 महामारी के बाद मुख्यमंत्री राहत कोष में 154.56 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। यह धनराशि 15 मार्च 2020 से 25 जून 2020 के मध्य कोष में दान के रूप में आई। कैबिनेट में फंड के हिसाब किताब पर चर्चा हुई। तय हुआ फंड की देखरेख के लिए वित्त विभाग का एक अधिकारी रखा जाएगा।गांवों में एक रुपये में पानी का कनेक्शनकैबिनेट ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को एक रुपये में पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। शासकीय प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि गांव के हर परिवार को एक रुपये में कनेक्शन मिलेगा। 

ये भी हुए अहम फैसले

1. नदी किनारे पुराने स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट को राहत, पुरानी नियमावली होगी लागू। उत्तराखंड स्टोन क्रशर प्लांट, मोबाइल, हॉट मिक्स प्लांट नीति 2020 के तहत कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशें मंजूर। गंगा नदी के किनारे डेढ़ किमी, मैदानी नदी के किनारे एक किमी, बरसाती नदी के किनारे 500 मीटर तक प्लांट लगाने की अनुमति दी गई। पर्वतीय क्षेत्र में पूर्ववत व्यवस्था। 2.  उत्तराखंड खनिज अवैध खनन भंडारण नियमावली 2020 मंजूर। डीएम के स्तर तय होगी मंजूरी। मोबाइल, स्टोन क्रशर के लिए दो वर्ष, रिटेल भंडारण के लिए पांच वर्ष की अनुमति। लाइसेंस शुल्क 25 हजार हजार तक बढ़ाया। खरीद फरोख्त नकद नहीं होगी।3.  श्रीकोट सरस्वती विद्या मन्दिर इंटर कॉलेज के लिए 0.326 हेक्टेयर पट्टे पर निशुल्क भूमि दी गई। 4.  कैंपा योजना निधि प्रबंधन के लिए विभागीय ढांचे में 29 पदों की मंजूरी।5.  उत्तराखंड राज्य परिवहन निधि नियमावली 2020 में संशोधन, प्राप्त धनराशि सीधे ट्रेजरी में जमा होगी। 6.  उद्योग एजेंसी के जरिये कार्मिक आउटसोर्स पर नहीं रखेंगे। विज्ञप्ति से करेंगे भर्ती, औद्योगिक नियोजन आर्दश नियमावली में संशोधन।7.  उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग नियमावली में पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर के आरक्षण को शामिल किया गया।8.  ऋषिकेश भोगपुर मैसर्स गंगा डिजायन स्टूडियो फर्म के न्यूनतम मार्ग में छूट दी गई।9.  देहरादून अर्बन सिलिंग होम के लिए एमडीडीए को स्थानांतरित भू उपयोग भूमि की गलती में सुधार।10. राज्य सरकार के कल्याणकारी नीति के प्रचार प्रसार के लिए केंद्र की एजेंसी ब्राडकास्ट इंजीनियरिंग कंसलटेंट लि. से अनुबंध को मंजूरी।11.  उत्तराखंड विज्ञापन अनुश्रवण समिति में वरिष्ठ पत्रकार को मिलेगी जगह, नियम में संशोधन।12.  श्रम विभाग में ईएसआई चिकित्साधिकारी के लिए प्रेक्टिस भत्ते को अनुमति।13.  अमृतसर, कोलकाता इंडस्ट्रियल समेकित निर्माण समूह, ऊधमसिंह नगर में फिल्म सिटी, साइबर पार्क, एसईजेड के लिए तीन हजार एकड़ भूमि में से प्रथम चरण के लिए एक हजार एकड़ भूमि दी जाएगी।15.  ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व में 2220 रुपये जल संयोजन को कम करके केवल 1 रुपये संकेत के रूप में लेने का निर्णय लिया गया है।16.  नर्सिंग शिक्षक सेवा नियमावली को मंजूरी।17.  विधानसभा सदस्यों के लोन लेने की नियमावली में संशोधन।

अमृतसर-कोलकाला इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ेेगा ऊधमसिंह नगर

केंद्र सरकार की अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए सरकार ने ऊधमसिंह नगर जिले के खुरपिया में सिडकुल की एक हजार एकड़ भूमि देने की मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश में स्थापित उद्योगों के माल को बंदरगाह तक पहुंचाने में आसानी होगी और उन्हें अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की तर्ज पर अमृतसर-कोलकाता कॉरिडोर के लिए प्रदेश सरकार ने पहले चरण में एक हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार कॉरिडोर से 100 से 150 किलोमीटर के दायरे में आने औद्योगिक क्षेत्रों को इससे जोड़ रही है। केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इंपलीमेंट ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) ने तीन हजार एकड़ जमीन की मांग की थी।पहले चरण में सरकार ने खुरपिया में सिडकुल के अधीन एक हजार एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया है। काम आगे बढ़ने पर दो हजार एकड़ जमीन और देने पर सरकार फैसला लेगी। कॉरिडोर के तहत खुरपिया में साइबर पार्क, एसइजेड, फिल्म सिटी, माल को निर्यात करने से संबंधित संबंधित सुविधा उद्योगों को मिलेगी। एनआईसीडीआईटी के सहयोग से डीपीआर तैयार की जाएगी।

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किसानों को तीन लाख तक ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा



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