Uttarakhand Cabinet Expansion: Chief Minister Trivendra Singh Rawat Has Not Yet Opened Cards In Navratri Or In Diwali – उत्तराखंड मंत्रिमंडल विस्तार : नवरात्र में या दिवाली में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अभी नहीं खोले पत्ते

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
– फोटो : File Photo

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प्रदेश मंत्रिमंडल में तीन नए मंत्री नवरात्र में शामिल होंगे या दिवाली में, इसे लेकर कुहासा अभी पूरी तरह से छंटा नहीं है। भाजपा के कोर ग्रुप में मंत्रिमंडल विस्तार पर सहमति के बाद यह माना जा रहा है कि नवरात्र तक त्रिवेंद्र अपनी कैबिनेट में नए मंत्री शामिल कर देंगे। लेकिन मुख्यमंत्री अभी पत्ते नहीं खोल रहे हैं। बकौल सीएम, जब विस्तार करेंगे तो पता चल जाएगा। हालांकि विस्तार की संभावना से न सीएम  इंकार कर रहे हैं न भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत।बकौल भगत, कैबिनेट विस्तार करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। कोर कमेटी की बैठक में यह विषय आया था। मुख्यमंत्री केंद्रीय नेतृत्व से इस बारे में बात करेंगे। बता दें कि पार्टी कोर ग्रुप की बैठक के बाद से संगठन के भीतर यह चर्चा गरम है कि मुख्यमंत्री नवरात्र में कैबिनेट विस्तार कर देंगे।17 अक्तूबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं और इसी दिन प्रदेश भाजपा देहरादून में प्रदेश कार्यालय भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास करने जा रही है। इस दिन पूरे प्रदेश से प्रमुख नेता देहरादून जुटेंगे। इस कार्यक्रम की दूसरी कड़ी के तौर पर कैबिनेट विस्तार की संभावना को जोड़ा जा रहा है। लेकिन कैबिनेट विस्तार से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तर के तौर पर सस्पेंस छोड़ रहे हैं।मुख्यमंत्री यह कहकर प्रश्न को टाल देते हैं कि जब विस्तार करेंगे तो बता देंगे। सूत्रों की मानें तो नवरात्र में विस्तार नहीं हुआ तो फिर कैबिनेट मंत्री बनने की दौड़ में शामिल दावेदारों को दीवाली तक इंतजार करना पड़ सकता है।
 

कैबिनेट विस्तार की संभावना के पीछे कुछ प्रमुख वजह हैं। मसलन, राज्य में विधानसभा चुनाव को डेढ़ वर्ष का समय रह गया है। मुख्यमंत्री के पास 50 से ज्यादा विभागों की जिम्मेदारी है। अब उन्हें चुनावी माहौल बनाने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा करना है।मंत्रालयों और विभागों का काम सतत चलता रहे, इसलिए यह जरूरी है कि उन पर विभागों का बोझ कुछ कम हो। दूसरी वजह, क्षेत्रीय संतुलन को लेकर है। स्वर्गीय प्रकाश पंत के निधन से कैबिनेट में कुमाऊं का प्रतिनिधित्व कम हुआ है। सियासी समीकरणों के हिसाब से पार्टी भी संतुलन साधना जरूरी मान रही है। दौड़ में कई दावेदारत्रिवेंद्र मंत्रिमंडल में किन विधायकों को मंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त होगा, यह अभी बड़ा रहस्य है। लेकिन पार्टी में कई ऐसे प्रमुख विधायक हैं, जो वरिष्ठ होने के साथ पूर्व में मंत्री रहे हैं। इनमें देहरादून कैंट से उम्रदराज विधायक हरबंस कपूर जो पूर्व कैबिनेट मंत्री व विस अध्यक्ष रह चुके हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल हैं जो सीमांत जिले पिथौरागढ़ की डीडीहाट विस से हैं।कपकोट के विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, राजपुर रोड के खजानदास भी पूर्व मंत्री रह चुके हैं। इनके अलावा विकासनगर से विधायक मुन्ना सिंह चौहान, स्वर्गीय प्रकाश पंत की धर्मपत्नी चंद्रापंत, बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट और खटीमा से पुष्कर सिंह धामी के नाम अकसर चर्चाओं में रहे हैं। हरिद्वार के विधायक भी दौड़ में पीछे नहीं हैं।

प्रदेश मंत्रिमंडल में तीन नए मंत्री नवरात्र में शामिल होंगे या दिवाली में, इसे लेकर कुहासा अभी पूरी तरह से छंटा नहीं है। भाजपा के कोर ग्रुप में मंत्रिमंडल विस्तार पर सहमति के बाद यह माना जा रहा है कि नवरात्र तक त्रिवेंद्र अपनी कैबिनेट में नए मंत्री शामिल कर देंगे। लेकिन मुख्यमंत्री अभी पत्ते नहीं खोल रहे हैं। बकौल सीएम, जब विस्तार करेंगे तो पता चल जाएगा। हालांकि विस्तार की संभावना से न सीएम  इंकार कर रहे हैं न भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत।

बकौल भगत, कैबिनेट विस्तार करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। कोर कमेटी की बैठक में यह विषय आया था। मुख्यमंत्री केंद्रीय नेतृत्व से इस बारे में बात करेंगे। बता दें कि पार्टी कोर ग्रुप की बैठक के बाद से संगठन के भीतर यह चर्चा गरम है कि मुख्यमंत्री नवरात्र में कैबिनेट विस्तार कर देंगे।

17 अक्तूबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं और इसी दिन प्रदेश भाजपा देहरादून में प्रदेश कार्यालय भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास करने जा रही है। इस दिन पूरे प्रदेश से प्रमुख नेता देहरादून जुटेंगे। इस कार्यक्रम की दूसरी कड़ी के तौर पर कैबिनेट विस्तार की संभावना को जोड़ा जा रहा है। लेकिन कैबिनेट विस्तार से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तर के तौर पर सस्पेंस छोड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री यह कहकर प्रश्न को टाल देते हैं कि जब विस्तार करेंगे तो बता देंगे। सूत्रों की मानें तो नवरात्र में विस्तार नहीं हुआ तो फिर कैबिनेट मंत्री बनने की दौड़ में शामिल दावेदारों को दीवाली तक इंतजार करना पड़ सकता है।
 

इसलिए है कैबिनेट विस्तार की संभावना  

कैबिनेट विस्तार की संभावना के पीछे कुछ प्रमुख वजह हैं। मसलन, राज्य में विधानसभा चुनाव को डेढ़ वर्ष का समय रह गया है। मुख्यमंत्री के पास 50 से ज्यादा विभागों की जिम्मेदारी है। अब उन्हें चुनावी माहौल बनाने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा करना है।मंत्रालयों और विभागों का काम सतत चलता रहे, इसलिए यह जरूरी है कि उन पर विभागों का बोझ कुछ कम हो। दूसरी वजह, क्षेत्रीय संतुलन को लेकर है। स्वर्गीय प्रकाश पंत के निधन से कैबिनेट में कुमाऊं का प्रतिनिधित्व कम हुआ है। सियासी समीकरणों के हिसाब से पार्टी भी संतुलन साधना जरूरी मान रही है। दौड़ में कई दावेदारत्रिवेंद्र मंत्रिमंडल में किन विधायकों को मंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त होगा, यह अभी बड़ा रहस्य है। लेकिन पार्टी में कई ऐसे प्रमुख विधायक हैं, जो वरिष्ठ होने के साथ पूर्व में मंत्री रहे हैं। इनमें देहरादून कैंट से उम्रदराज विधायक हरबंस कपूर जो पूर्व कैबिनेट मंत्री व विस अध्यक्ष रह चुके हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल हैं जो सीमांत जिले पिथौरागढ़ की डीडीहाट विस से हैं।कपकोट के विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, राजपुर रोड के खजानदास भी पूर्व मंत्री रह चुके हैं। इनके अलावा विकासनगर से विधायक मुन्ना सिंह चौहान, स्वर्गीय प्रकाश पंत की धर्मपत्नी चंद्रापंत, बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट और खटीमा से पुष्कर सिंह धामी के नाम अकसर चर्चाओं में रहे हैं। हरिद्वार के विधायक भी दौड़ में पीछे नहीं हैं।

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इसलिए है कैबिनेट विस्तार की संभावना  



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