The Functioning Of Garhwal University Is Heavy On The Future Of The Students – देहरादून: गढ़वाल विवि की कार्यप्रणाली छात्रों के भविष्य पर भारी

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न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 09 Aug 2021 12:42 AM IST

सार
आरोप लगाया कि विवि की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं में जो छात्र विवि की अनुमति के बाद परीक्षा केंद्र परिवर्तित कराते हैं विवि की ओर से उनका परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जाता।

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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि की कार्यप्रणाली पर एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विवि की कार्यप्रणाली छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ रही है।आरोप लगाया कि विवि की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं में जो छात्र विवि की अनुमति के बाद परीक्षा केंद्र परिवर्तित कराते हैं विवि की ओर से उनका परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जाता। जिससे छात्रों को विवि के चक्कर काटने पड़ते हैं।अग्रवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि कई ऐसे छात्र हैं जिनका बीते तीन वर्षों से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया है। उन सभी छात्रों को परिवर्तित परीक्षा केंद्र में दी गई परीक्षा में अनुपस्थित दर्शाया गया है। जबकि, एक छात्रा मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाई तो विवि की ओर से उस छात्रा से स्पेशल बैक की फीस जमा करवा कर छूटी परीक्षा करवा डाली, लेकिन दो साल के बाद भी छात्रा का परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया गया।स्पेशल बैक की फीस सामान्य फीस से कई गुना अधिक होती है। ऐसे ही विवि की ओर से कई अन्य छात्रों के परिणाम भी जारी नहीं किया गया। जिससे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विस्तार

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि की कार्यप्रणाली पर एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विवि की कार्यप्रणाली छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ रही है।

आरोप लगाया कि विवि की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं में जो छात्र विवि की अनुमति के बाद परीक्षा केंद्र परिवर्तित कराते हैं विवि की ओर से उनका परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जाता। जिससे छात्रों को विवि के चक्कर काटने पड़ते हैं।

अग्रवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि कई ऐसे छात्र हैं जिनका बीते तीन वर्षों से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया है। उन सभी छात्रों को परिवर्तित परीक्षा केंद्र में दी गई परीक्षा में अनुपस्थित दर्शाया गया है। जबकि, एक छात्रा मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाई तो विवि की ओर से उस छात्रा से स्पेशल बैक की फीस जमा करवा कर छूटी परीक्षा करवा डाली, लेकिन दो साल के बाद भी छात्रा का परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया गया।
स्पेशल बैक की फीस सामान्य फीस से कई गुना अधिक होती है। ऐसे ही विवि की ओर से कई अन्य छात्रों के परिणाम भी जारी नहीं किया गया। जिससे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



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