Rishikesh: Case Filed Against Chidanand Muni, Allegations Of Encroachment On Reserve Forest Land – ऋषिकेश: चिदानंद मुनि के खिलाफ मुकदमा दर्ज, रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप

0
192


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Tue, 21 Jul 2020 11:16 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर कहीं भी, कभी भी।
*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

ऋषिकेश में वीरभद्र मंदिर के पास वीरपुर खुर्द में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा जमीन में अतिक्रमण और निर्माण करने पर वन विभाग ने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद मुनि के विरुद्ध केस दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। इसकी रिपोर्ट प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून के माध्यम से न्यायालय को सौंपी जाएगी। सितंबर 2019 में हरिद्वार निवासी एक व्यक्ति ने वीरपुर खुर्द में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा भूमि में कब्जा जमाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इस संबंध में उक्त व्यक्ति ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की थी। जिसमें कहा गया कि वीरपुर खुर्द में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा भूमि में कब्जा कर 52 कमरे, एक बड़ा हॉल और गोशाला का निर्माण किया गया है।जिस पर कार्रवाई की बजाय वन और राजस्व विभाग की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है। बीते सोमवार को हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग को अंतिम समय देते हुए एक्शन टेकन रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इन आदेशों पर डीएफओ देहरादून ने रेंज अधिकारी ऋषिकेश एमएस रावत को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इस पर उन्होंने वन अधिनियम 1927 सेक्शन 26 के अंतर्गत परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद मुनि के विरुद्घ केस दर्ज किया है।
हाईकोर्ट ने राजाजी पार्क के अंदर कुनाऊ गांव में हो रहे निर्माण के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद विपक्षी पुरुषोत्तम शर्मा को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा था कि वे चिदानंद मुनि के ठेकेदार पुरुषोत्तम शर्मा की आय के स्रोत क्या हैं, इससे अवगत कराएं। साथ ही साबित करें कि कुनाऊ से उनका क्या संबंध है और वहां उनकी कोई जमीन है या नहीं। यदि है तो उसकी क्या स्थिति है।जिसके बाद शपथपत्र देकर कहा गया कि पुरुषोत्तम शर्मा ने कुनाऊ गांव में 150 बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है। शर्मा का स्थायी निवास ऋषिकेश के श्यामपुर में है। 2019 की निर्वाचन नामावली में उनका नाम ऋषिकेश में ही है। उन्होंने राजाजी पार्क की भूमि पर अतिक्रमण किया है, जबकि वह स्थायी निवासी नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार के अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चिदानंद मुनि ने राजाजी पार्क के भीतर कुनाऊ में वन विभाग की भूमि पर कब्जा किया है और 2006 से वहां निर्माण कर रहे हैं। पास ही वन विभाग की चौकी होने के बावजूद वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। याची का यह भी कहना है कि अतिक्रमण करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाए।

सार
वीरपुर खुर्द में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा जमीन पर अतिक्रमण का मामला

विस्तार
ऋषिकेश में वीरभद्र मंदिर के पास वीरपुर खुर्द में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा जमीन में अतिक्रमण और निर्माण करने पर वन विभाग ने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद मुनि के विरुद्ध केस दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। इसकी रिपोर्ट प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून के माध्यम से न्यायालय को सौंपी जाएगी। 

सितंबर 2019 में हरिद्वार निवासी एक व्यक्ति ने वीरपुर खुर्द में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा भूमि में कब्जा जमाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इस संबंध में उक्त व्यक्ति ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की थी। जिसमें कहा गया कि वीरपुर खुर्द में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा भूमि में कब्जा कर 52 कमरे, एक बड़ा हॉल और गोशाला का निर्माण किया गया है।

जिस पर कार्रवाई की बजाय वन और राजस्व विभाग की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है। बीते सोमवार को हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग को अंतिम समय देते हुए एक्शन टेकन रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इन आदेशों पर डीएफओ देहरादून ने रेंज अधिकारी ऋषिकेश एमएस रावत को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इस पर उन्होंने वन अधिनियम 1927 सेक्शन 26 के अंतर्गत परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद मुनि के विरुद्घ केस दर्ज किया है।

राजाजी पार्क के कुनाऊ गांव में हो रहे निर्माण मामले में विपक्षी को नोटिस 

हाईकोर्ट ने राजाजी पार्क के अंदर कुनाऊ गांव में हो रहे निर्माण के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद विपक्षी पुरुषोत्तम शर्मा को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा था कि वे चिदानंद मुनि के ठेकेदार पुरुषोत्तम शर्मा की आय के स्रोत क्या हैं, इससे अवगत कराएं। साथ ही साबित करें कि कुनाऊ से उनका क्या संबंध है और वहां उनकी कोई जमीन है या नहीं। यदि है तो उसकी क्या स्थिति है।जिसके बाद शपथपत्र देकर कहा गया कि पुरुषोत्तम शर्मा ने कुनाऊ गांव में 150 बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है। शर्मा का स्थायी निवास ऋषिकेश के श्यामपुर में है। 2019 की निर्वाचन नामावली में उनका नाम ऋषिकेश में ही है। उन्होंने राजाजी पार्क की भूमि पर अतिक्रमण किया है, जबकि वह स्थायी निवासी नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार के अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चिदानंद मुनि ने राजाजी पार्क के भीतर कुनाऊ में वन विभाग की भूमि पर कब्जा किया है और 2006 से वहां निर्माण कर रहे हैं। पास ही वन विभाग की चौकी होने के बावजूद वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। याची का यह भी कहना है कि अतिक्रमण करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाए।

आगे पढ़ें

राजाजी पार्क के कुनाऊ गांव में हो रहे निर्माण मामले में विपक्षी को नोटिस 



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here