Patanjali Ceo Acharya Balkrishna Told About Real Reason Of Halal Certificate – हलाल प्रमाणपत्र पर पतंजलि ने स्पष्ट किया अपना पक्ष, आचार्य बालकृष्ण ने बताई असली वजह

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Wed, 06 May 2020 12:30 AM IST

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हरिद्वार में योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ ने हलाल प्रमाणपत्र पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा किभारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियां यह प्रचार कर रही हैं कि स्वामी रामदेव के पतंजलि प्रतिष्ठान ने हलाल मीट के निर्यात के लिए हलाल प्रमाणपत्र लिया है। वास्तव में यह दुष्प्रचार है। कंपनियां चाहती हैं कि भारत में पतंजलि के उत्पादन बिकने बंद हो जाएं। वास्तव में यह प्रमाणपत्र अरब देशों में आयुर्वेदिक दवाओं के निर्यात के लिए लिया गया है।भारत में दवाओं के वितरण से इस प्रमाणपत्र का कोई संबंध नहीं। मंगलवार को कनखल स्थित दिव्य योग मंदिर में पत्रकारों से बातचीत में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश को यदि अरब देशों में कोई सामान बेचना हो तो उन देशों में इसके लिए हलाल प्रमाणपत्र अनिवार्य किया है। यह प्रमाणपत्र केवल हलाल मीट के लिए नहीं किसी भी पदार्थ या वस्तु के लिए होता है।
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि किसी भी प्रकार की आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक या एलोपैथिक दवा निर्यात के लिए भी इस प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। अरब देशों में पतंजलि की आयुर्वेदिक दवाओं एवं हर्बल उत्पादों की भारी मांग है।इसी कारण पतंजलि ने हलाल प्रमाणपत्र अरब देशों में निर्यात के लिए प्राप्त किया। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि के उत्पादन पूरी तरह शाकाहारी पदार्थों और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों पर आधारित हैं। यही हमारा ध्येय है।

सार
योगपीठ महामंत्री बोले अरब देशों में कुछ भी सामान बेचने के लिए जरूरी होता यह प्रमाणपत्र

विस्तार
हरिद्वार में योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ ने हलाल प्रमाणपत्र पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा किभारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियां यह प्रचार कर रही हैं कि स्वामी रामदेव के पतंजलि प्रतिष्ठान ने हलाल मीट के निर्यात के लिए हलाल प्रमाणपत्र लिया है। वास्तव में यह दुष्प्रचार है। कंपनियां चाहती हैं कि भारत में पतंजलि के उत्पादन बिकने बंद हो जाएं। वास्तव में यह प्रमाणपत्र अरब देशों में आयुर्वेदिक दवाओं के निर्यात के लिए लिया गया है।

भारत में दवाओं के वितरण से इस प्रमाणपत्र का कोई संबंध नहीं। मंगलवार को कनखल स्थित दिव्य योग मंदिर में पत्रकारों से बातचीत में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश को यदि अरब देशों में कोई सामान बेचना हो तो उन देशों में इसके लिए हलाल प्रमाणपत्र अनिवार्य किया है। यह प्रमाणपत्र केवल हलाल मीट के लिए नहीं किसी भी पदार्थ या वस्तु के लिए होता है।

आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि किसी भी प्रकार की आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक या एलोपैथिक दवा निर्यात के लिए भी इस प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। अरब देशों में पतंजलि की आयुर्वेदिक दवाओं एवं हर्बल उत्पादों की भारी मांग है।इसी कारण पतंजलि ने हलाल प्रमाणपत्र अरब देशों में निर्यात के लिए प्राप्त किया। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि के उत्पादन पूरी तरह शाकाहारी पदार्थों और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों पर आधारित हैं। यही हमारा ध्येय है।



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