Emotional Harish Rawat Shared A Post On Social Media, Said – Get Me Out Of Congress, Burn The Evil Like Harish Rawat On This Holi – उत्तराखंड: आरोप लगने से आहत हरदा ने कहा- पार्टी मुझे निष्कासित कर दे, इस होली पर हरीश रावत जैसी बुराई का दहन कर दो

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Tue, 15 Mar 2022 12:35 PM IST

सार
उत्तराखंड में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद से हरीश रावत सबसे अधिक निशानें पर हैं। लगातार उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा रहा है। इन आलोचनाओं से आहत हरदा सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। अब उन पर टिकट बेचने का आरोप लगाया गया। 

हरीश रावत
– फोटो : एएनआई फाइल फोटो

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खुद पर लग रहे गंभीर आरोप से आहत हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा है। उन्होंने लिखा कि लगातार इस तरह के गंभीर आरोपों से वह बेहद दुखी हैं। पद और पार्टी टिकट बेचने का आरोप अत्यधिक गंभीर है और यदि वह आरोप एक ऐसे व्यक्ति पर लगाया जा रहा हो, जो मुख्यमंत्री रहा है, जो पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष रहा है, जो पार्टी का महासचिव रहा है और कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य है।हरीश रावत ने कहा कि मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि कांग्रेस पार्टी मुझ पर लगे इस आरोप पर मुझे पार्टी से निष्कासित कर दें। होली बुराईयों के समन का एक उचित उत्सव है, होलिका दहन और हरीश रावत रूपी बुराई का भी इस होलिका में कांग्रेस को दहन कर देना चाहिए। उत्तराखंड में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद से हरीश रावत सबसे अधिक निशानें पर हैं। 
हरदा बोले, मन इस बात को लेकर दुखी था कि वह एक बेटी के टिकट काटने का माध्यम बन गए
हरीश रावत को लगातार उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा रहा है। इन आलोचनाओं से आहत हरदा सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लालकुआं से चुनाव लड़ने को अपनी भूल बताते हुए पहले से वहां तैयारी कर रहे तमाम प्रत्याशियों और क्षेत्र की जनता से माफी मांगी है। 

 
वह उनके साथ भी खड़े हो गए, लेकिन उनकी और से मुझे स्वीकार करना पहले दिन से ही कठिन लग रहा था। जबकि उनका मन इस बात को लेकर के बहुत दुखी था कि वह एक बेटी के टिकट काटने का माध्यम बन गए। उन्होंने इसके लिए लालकुआं के लोगों से क्षमा मांगी है। कहा कि वह होली के बाद लालकुआं जाकर लोगों का धन्यवाद करेंगे। अपनी हार से ज्यादा गणेश की हार से दुखी हैं हरीश पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी हार से ज्यादा गणेश गोदियाल की हार से दुखी हैं। उन्होंने कहा कि वह श्रीनगर जाकर लोगों से पूछेंगे, आखिर गणेश गोदियाल से बेहतर भावनात्मक रूप से पूर्णत: समर्पित उनको और कौन सा प्रतिनिधि मिल सकता है? 
जो व्यक्ति मुंबई में कमाए और राठ के गांव में आकर उस पैसे से महाविद्यालय खड़ा करे, ताकि क्षेत्र का शैक्षिक विकास हो सके, तो हम ऐसे लोगों के भावना की कद्र न कर यदि कुछ और सतही सवालों पर उलझकर गणेश गोदियाल जैसे लोगों को ठुकरा देंगे, तो यह कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल कल के उत्तराखंड के नायक हैं, ऐसे लोगों को जीतना ही चाहिए था।

विस्तार

खुद पर लग रहे गंभीर आरोप से आहत हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा है। उन्होंने लिखा कि लगातार इस तरह के गंभीर आरोपों से वह बेहद दुखी हैं। पद और पार्टी टिकट बेचने का आरोप अत्यधिक गंभीर है और यदि वह आरोप एक ऐसे व्यक्ति पर लगाया जा रहा हो, जो मुख्यमंत्री रहा है, जो पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष रहा है, जो पार्टी का महासचिव रहा है और कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य है।

हरीश रावत ने कहा कि मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि कांग्रेस पार्टी मुझ पर लगे इस आरोप पर मुझे पार्टी से निष्कासित कर दें। होली बुराईयों के समन का एक उचित उत्सव है, होलिका दहन और हरीश रावत रूपी बुराई का भी इस होलिका में कांग्रेस को दहन कर देना चाहिए। उत्तराखंड में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद से हरीश रावत सबसे अधिक निशानें पर हैं।

 
हरदा बोले, मन इस बात को लेकर दुखी था कि वह एक बेटी के टिकट काटने का माध्यम बन गए

हरीश रावत को लगातार उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा रहा है। इन आलोचनाओं से आहत हरदा सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लालकुआं से चुनाव लड़ने को अपनी भूल बताते हुए पहले से वहां तैयारी कर रहे तमाम प्रत्याशियों और क्षेत्र की जनता से माफी मांगी है। 

 
वह उनके साथ भी खड़े हो गए, लेकिन उनकी और से मुझे स्वीकार करना पहले दिन से ही कठिन लग रहा था। जबकि उनका मन इस बात को लेकर के बहुत दुखी था कि वह एक बेटी के टिकट काटने का माध्यम बन गए। उन्होंने इसके लिए लालकुआं के लोगों से क्षमा मांगी है। कहा कि वह होली के बाद लालकुआं जाकर लोगों का धन्यवाद करेंगे। 
अपनी हार से ज्यादा गणेश की हार से दुखी हैं हरीश 
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी हार से ज्यादा गणेश गोदियाल की हार से दुखी हैं। उन्होंने कहा कि वह श्रीनगर जाकर लोगों से पूछेंगे, आखिर गणेश गोदियाल से बेहतर भावनात्मक रूप से पूर्णत: समर्पित उनको और कौन सा प्रतिनिधि मिल सकता है?
 

जो व्यक्ति मुंबई में कमाए और राठ के गांव में आकर उस पैसे से महाविद्यालय खड़ा करे, ताकि क्षेत्र का शैक्षिक विकास हो सके, तो हम ऐसे लोगों के भावना की कद्र न कर यदि कुछ और सतही सवालों पर उलझकर गणेश गोदियाल जैसे लोगों को ठुकरा देंगे, तो यह कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल कल के उत्तराखंड के नायक हैं, ऐसे लोगों को जीतना ही चाहिए था।



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