Dehradun: Mining Done Without Permission,bridcul Fined 22 Lakhs – देहरादून: बिना अनुमति कंपनी ने किया खनन, ब्रिडकुल पर 22 लाख का जुर्माना 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 14 Aug 2020 12:14 AM IST

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उत्तराखंड में चंपावत जिलाधिकारी की अनुमति के बिना नदी में क्रशर मशीन लगाकर खनन करने पर निर्माणदायी कंपनी ब्रिडकुल प्रबंधन पर 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस पर ब्रिडकुल प्रबंधन ने जिलाधिकारी को स्पष्टीकरण दिया है कि निजी कंपनी को इस शर्त के साथ पुल निर्माण का ठेका सौंपा गया था कि वह प्रशासन की अनुमति के बाद ही क्रशर मशीन लगाकर खनन करेगा। लेकिन, उसने बिना अनुमति के नदी से खनन किया। ऐसे में जुर्माने की कार्रवाई कंपनी पर ही करनी चाहिए। बता दें कि चंपावत में चलती नदी पर सामरिक महत्व के पुल का निर्माण किया जाना है। लोक निर्माण विभाग ने पुल निर्माण की जिम्मेदारी सरकार की निर्माणदायी संस्था ब्रिडकुल को सौंपी है। ब्रिडकुल ने ठेका एक निजी कंपनी को दिया। इसी दौरान निजी कंपनी ने ब्रिडकुल प्रबंधन से अनुरोध किया कि पुल निर्माण के लिए खनन सामग्री चाहिए।ऐसे में उसे नदी में खनन की अनुमति दी जाए। लेकिन, प्रबंधन ने यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया कि इस संबंध में कंपनी खुद डीएम से अनुमति लेकर क्रशर मशीन लगाकर नदी में खनन करें।लेकिन, कंपनी ने जिलाधिकारी की अनुमति के बिना क्रशर मशीन लगाकर नदी से खनन शुरू किया। मामला जिलाधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने ब्रिडकुल पर 22 लाख रुपये जुर्माना ठोका। ब्रिडकुल के मुख्य महाप्रबंधक कुंदन सिंह का कहना है कि जिलाधिकारी चंपावत को इस संबंध में स्पष्टीकरण देने के साथ ही पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है।

सार
चंपावत डीएम ने की कार्रवाई, ब्रिडकुल ने कंपनी को ठहराया जिम्मेदार

विस्तार
उत्तराखंड में चंपावत जिलाधिकारी की अनुमति के बिना नदी में क्रशर मशीन लगाकर खनन करने पर निर्माणदायी कंपनी ब्रिडकुल प्रबंधन पर 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस पर ब्रिडकुल प्रबंधन ने जिलाधिकारी को स्पष्टीकरण दिया है कि निजी कंपनी को इस शर्त के साथ पुल निर्माण का ठेका सौंपा गया था कि वह प्रशासन की अनुमति के बाद ही क्रशर मशीन लगाकर खनन करेगा। लेकिन, उसने बिना अनुमति के नदी से खनन किया। ऐसे में जुर्माने की कार्रवाई कंपनी पर ही करनी चाहिए। 

बता दें कि चंपावत में चलती नदी पर सामरिक महत्व के पुल का निर्माण किया जाना है। लोक निर्माण विभाग ने पुल निर्माण की जिम्मेदारी सरकार की निर्माणदायी संस्था ब्रिडकुल को सौंपी है। ब्रिडकुल ने ठेका एक निजी कंपनी को दिया। इसी दौरान निजी कंपनी ने ब्रिडकुल प्रबंधन से अनुरोध किया कि पुल निर्माण के लिए खनन सामग्री चाहिए।

ऐसे में उसे नदी में खनन की अनुमति दी जाए। लेकिन, प्रबंधन ने यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया कि इस संबंध में कंपनी खुद डीएम से अनुमति लेकर क्रशर मशीन लगाकर नदी में खनन करें।

लेकिन, कंपनी ने जिलाधिकारी की अनुमति के बिना क्रशर मशीन लगाकर नदी से खनन शुरू किया। मामला जिलाधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने ब्रिडकुल पर 22 लाख रुपये जुर्माना ठोका। ब्रिडकुल के मुख्य महाप्रबंधक कुंदन सिंह का कहना है कि जिलाधिकारी चंपावत को इस संबंध में स्पष्टीकरण देने के साथ ही पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है।



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