Cybercrime: Dehradun On Number 5th In India For Cyber Fraud – साइबर क्राइम: देहरादून में हर दिन पांच लोग हो रहे ठगी का शिकार, देश में 5वें नंबर पर दून 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 17 Jun 2021 12:16 AM IST

सार
पूरे उत्तराखंड में ठगी गई रकम की बात करें तो 22 महीनों में यहां के लोगों ने 1.72 करोड़ रुपये ठगों को दिए हैं।

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देहरादून के लोग साइबर ठगी का ज्यादा शिकार होते हैं। यहां औसतन पांच लोग हर दिन अपनी गाढ़ी कमाई ठगों के चंगुल में फंसा रहे हैं। जिन जिलों में सबसे ज्यादा लोग ठगी का शिकार हुए उनमें दून का पांचवां नंबर है। यह आंकड़ा केंद्रीय गृह मंत्रालय के पोर्टल साइबर सेफ की रिपोर्ट से सामने आया है।साइबर सेफ पोर्टल ने एक अगस्त 2019 से 31 मई 2021 तक के आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के अनुसार देहरादून जिले में इस बीच 3056 लोग साइबर ठगी का शिकार हुए। ठगों ने इनसे कहीं ज्यादा लोगों को शिकार बनाने का प्रयास किया है। इस लिस्ट में पहला नंबर हैदराबाद का है, जहां 11 हजार से ज्यादा लोग ठगों के जाल में फंसे हैं।साइबर ठगी: विदेशों में बैठे ठगों ने भारतीयों को लगाई 250 करोड़ रुपये की चपत, ऐसे बनाया शिकारइस रिपोर्ट के अनुसार यदि पूरे उत्तराखंड में ठगी गई रकम की बात करें तो 22 महीनों में यहां के लोगों ने 1.72 करोड़ रुपये ठगों को दिए हैं। इनमें से बहुत से बड़े मामले पकड़ में भी आए हैं। कई प्रकरणों में एसटीएफ और साइबर पुलिस ने कई ठगों को पकड़ा है। हालांकि इस साल कई बड़े मामलों में एसटीएफ ने करीब 50 लाख रुपये लोगों वापस भी कराए हैं। कार्रवाई की बात करें तो उत्तराखंड पुलिस भी अव्वल राज्यों में शामिल है। यहां की पुलिस विशेष तौर पर एसटीएफ नंबरों और खातों की निगरानी करने में शीर्ष चार राज्यों में शामिल है। साढ़े तीन हजार नंबर निगेटिव सूची में उत्तराखंड पुलिस साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई और निगरानी में भी अव्वल राज्यों में शामिल है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने संदिग्ध ठगों के 3500 से ज्यादा फोन नंबर और खाते नंबरों को निगेटिव सूची में डालते हुए पोर्टल पर अपलोड किया है। पोर्टल के माध्यम से इन नंबरों और खातों की निगरानी की जाती है।

विस्तार

देहरादून के लोग साइबर ठगी का ज्यादा शिकार होते हैं। यहां औसतन पांच लोग हर दिन अपनी गाढ़ी कमाई ठगों के चंगुल में फंसा रहे हैं। जिन जिलों में सबसे ज्यादा लोग ठगी का शिकार हुए उनमें दून का पांचवां नंबर है। यह आंकड़ा केंद्रीय गृह मंत्रालय के पोर्टल साइबर सेफ की रिपोर्ट से सामने आया है।

साइबर सेफ पोर्टल ने एक अगस्त 2019 से 31 मई 2021 तक के आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के अनुसार देहरादून जिले में इस बीच 3056 लोग साइबर ठगी का शिकार हुए। ठगों ने इनसे कहीं ज्यादा लोगों को शिकार बनाने का प्रयास किया है। इस लिस्ट में पहला नंबर हैदराबाद का है, जहां 11 हजार से ज्यादा लोग ठगों के जाल में फंसे हैं।

साइबर ठगी: विदेशों में बैठे ठगों ने भारतीयों को लगाई 250 करोड़ रुपये की चपत, ऐसे बनाया शिकार
इस रिपोर्ट के अनुसार यदि पूरे उत्तराखंड में ठगी गई रकम की बात करें तो 22 महीनों में यहां के लोगों ने 1.72 करोड़ रुपये ठगों को दिए हैं। इनमें से बहुत से बड़े मामले पकड़ में भी आए हैं। कई प्रकरणों में एसटीएफ और साइबर पुलिस ने कई ठगों को पकड़ा है। हालांकि इस साल कई बड़े मामलों में एसटीएफ ने करीब 50 लाख रुपये लोगों वापस भी कराए हैं। कार्रवाई की बात करें तो उत्तराखंड पुलिस भी अव्वल राज्यों में शामिल है। यहां की पुलिस विशेष तौर पर एसटीएफ नंबरों और खातों की निगरानी करने में शीर्ष चार राज्यों में शामिल है। 

साढ़े तीन हजार नंबर निगेटिव सूची में 
उत्तराखंड पुलिस साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई और निगरानी में भी अव्वल राज्यों में शामिल है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने संदिग्ध ठगों के 3500 से ज्यादा फोन नंबर और खाते नंबरों को निगेटिव सूची में डालते हुए पोर्टल पर अपलोड किया है। पोर्टल के माध्यम से इन नंबरों और खातों की निगरानी की जाती है।



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