Coronavirus In Uttarakhand Latest News : Icu Beds Full In Covid-19 Hospitals – Coronavirus In Uttarakhand : कोविड-19 अस्पतालों में आईसीयू बेड फुल, मरीजों को भेजा जा रहा होम आइसोलेशन में

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राजधानी देहरादून में कोविड-19 के अस्पतालों में आईसीयू के सभी बेड फुल हो गए हैं। जनरल, प्राइवेट और सेमी प्राइवेट वार्ड में भी गिनती के बेड ही खाली हैं। ऐसे में अस्पताल भी कम लक्षण या बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन के लिए भेज रहे हैं। वहीं, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्राइवेट अस्पताल बेड की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं। Coronavirus in Uttarakhand : ग्रामीणों की एकजुटता के कारण कोरोना मुक्त है उत्तराखंड ये का गांवदून अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल बनाया गया था। शुरुआत में केवल यहीं पर कोरोना के मरीजों का उपचार हो रहा था। लेकिन अब एकाएक मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद निजी अस्पतालों में भी इलाज शुरू कर दिया गया है। दून अस्पताल में लगभग सभी बेड पहले ही फुल हो चुके हैं।इसको देखते हुए सीएमआई अस्पताल, श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल और हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में कोरोना के मरीजों के इलाज को मंजूरी दी गई है। महज एक-दो दिनों में ही इन अस्पतालों में कोविड-19 के ज्यादातर बेड भर चुके हैं। ऐसे में अस्पताल मजबूरी में मरीजों को लौटा रहे हैं।  
श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में 120 बेड रिजर्व किए गए हैं। इनमें 20 आईसीयू और 10 जनरल ऑक्सीजन वार्ड के बेड हैं। अस्पताल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि आईसीयू के सभी बेड पूरी तरह भरे हुए हैं। बाकी बेड भी जल्द भर जाएंगे। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में बेड बढ़ाए जा सकते हैं। सीएमआई अस्पताल सीएमआई अस्पताल के निदेशक डॉ. महेश कुड़ियाल ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के लिए 44 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें 30 सामान्य और दो आईसीयू बेड हैं। इसके अलावा 12 बेड इमरजेंसी के लिए रिजर्व रखे गए हैं।उन्होंने बताया कि अभी इमरजेंसी को छोड़कर बाकी सभी 32 बेड भरे हुए हैं। अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजीत गैरोला ने बताया कि कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल के एक अलग हिस्से को रिजर्व किया गया है ताकि अन्य मरीजों को कोई दिक्कत ना हो। यहां स्टाफ भी पूरी तरह अलग है। हिमालयन अस्पताल हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के कोविड-19 नोडल अफसर संजॉय दास ने बताया कि अस्पताल में आईसीयू के 10, जनरल वार्ड के 60 और प्राइवेट व सेमी प्राइवेट वार्ड के 27 बेड रिजर्व किए गए हैं। सभी आईसीयू बेड फुल हैं। इसके अलावा 50 अन्य मरीज भी भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसको देखते हुए अस्पताल प्रबंधन आईसीयू और कोविड-19 बेड बढ़ाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 अस्पताल बिल्कुल अलग बिल्डिंग में खोला गया है। आठ से 15 हजार तक रोजाना का खर्चा प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के मरीजों को आठ से 15 हजार रुपये तक रोजाना चुकाने पड़ रहे हैं। जनरल वार्ड के बेड की रोजाना की फीस आठ हजार रुपये है, जिसमें सामान्य दवाएं और जांच भी शामिल हैं। वहीं, सेमी प्राइवेट बेड 11 हजार, आईसीयू बेड 12 हजार और प्राइवेट बेड 15 हजार रुपये रोजाना पर उपलब्ध हैं। होम आइसोलेशन पर भी भेज रहे मरीज बेड फुल होने के कारण प्राइवेट अस्पताल अब मरीजों को होम आइसोलेशन के लिए भी भेज रहे हैं। ऐसे मरीज जिनकी कोविड-19 की रिपोर्ट पॉजिटिव है लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं है, उन्हें होम आइसोलेशन के लिए भेजा जा रहा है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी 10 दिन में डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिन मरीजों को तीन दिन तक बुखार ना आए या अन्य लक्षण ना दिखें, उन्हें होम आइसोलेशन के लिए भेजा जा सकता है।
देहरादून जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मंगलवार को कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद चार इलाकों को और कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। इसमें डोईवाला में दो, देहरादून और विकासनगर में एक-एक इलाके शामिल हैं। कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसका आदेश जारी किया। डीएम ने बताया कि दून स्थित 150/4 धर्मपुर का वह हिस्सा, जिसके पूर्व में मोहम्मद अली व इकबाल का मकान, पश्चिम में एडवोकेट विरेंद्र पांडेय व उत्तर में भट्ट का मकान तथा दक्षिण में रास्ता है, उसे पाबंद कर दिया। डोईवाला स्थित वार्ड-1 मिस्सरवाला कलां का वह भाग, जिसके पूर्व में लाल सिंह रौतेला का मकान, पश्चिम में खाली जमीन, उत्तर में कृषि भूमि तथा दक्षिण में कमान सिंह गुरुंग का मकान मौजूद है, वह कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है।डोईवाला के ही वार्ड-5 बिचली जौली का वह हिस्सा जिसके पूर्व में सड़क, पश्चिम में असरफ अली का मकान, उत्तर में मोहर्रम अली तथा दक्षिण दिशा में अजीर अहमद का मकान है, उसे पाबंद किया गया है। विकासनगर स्थित वार्ड- 14 ग्राम शंकरपुर का वह हिस्सा जिसके पूर्व में रेखा देवी, पश्चिम में अंजू जोशी के मकान तक, उत्तर में भागीरथ के खेत तक तथा दक्षिण में जसवंत सिंह नेगी के मकान तक के इलाके को कंटेनमेंट जोन बना दिया है। 
डीएम ने बताया कि नगर निगम देहरादून के गायत्री एन्कलेव बद्रीपुर, विकासनगर स्थित वार्ड-7 कल्याणपुर गीता भवन मार्ग, डोईवाला स्थित वार्ड-10 भानियावाला तथा ग्राम नागल बुलंदावाला को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। यहां कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद 14 दिन एक्टिव सर्विलांस किया गया, लेकिन कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं मिले। मुख्य चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट के बाद इन इलाकों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। एंटी डेंगू-मलेरिया अभियान चला डीएम ने बताया कि जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण टीम ने मेहूंवाला में भगवंतपुर क्षेत्र में 59 घरों का निरीक्षण किया, जिसमें 8 मकानों व 31 कंटेनर में मच्छर का लार्वा मिला, जिसे टीम ने नष्ट कर दिया। साथ ही लोगों को डेंगू-मलेरिया से बचाव आदि की जानकारी भी दी गई। 370 लोग क्वारंटीन किए गए डीएम ने बताया कि मंगलवार को दूसरे राज्यों से जिला पहुंचे 370 लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद क्वारंटीन किया गया है। वहीं, 1201 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने पर 201 लोगों का चालान किया गया। फ्लाइट से 356 प्रवासी जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जबकि 380 यात्री दूसरे राज्यों को रवाना हुए। आशा कार्यकर्ताओं ने 2628 लोगों का फॉलोअप किया। 4722 लोगों का फोन से सर्विलांस किया गया। दो लोगों की काउंसिलिंग की गई।

सार
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड बढ़ाने की तैयारी में अस्पताल

विस्तार
राजधानी देहरादून में कोविड-19 के अस्पतालों में आईसीयू के सभी बेड फुल हो गए हैं। जनरल, प्राइवेट और सेमी प्राइवेट वार्ड में भी गिनती के बेड ही खाली हैं। ऐसे में अस्पताल भी कम लक्षण या बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन के लिए भेज रहे हैं। वहीं, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्राइवेट अस्पताल बेड की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं। 

Coronavirus in Uttarakhand : ग्रामीणों की एकजुटता के कारण कोरोना मुक्त है उत्तराखंड ये का गांव

दून अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल बनाया गया था। शुरुआत में केवल यहीं पर कोरोना के मरीजों का उपचार हो रहा था। लेकिन अब एकाएक मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद निजी अस्पतालों में भी इलाज शुरू कर दिया गया है। दून अस्पताल में लगभग सभी बेड पहले ही फुल हो चुके हैं।

इसको देखते हुए सीएमआई अस्पताल, श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल और हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में कोरोना के मरीजों के इलाज को मंजूरी दी गई है। महज एक-दो दिनों में ही इन अस्पतालों में कोविड-19 के ज्यादातर बेड भर चुके हैं। ऐसे में अस्पताल मजबूरी में मरीजों को लौटा रहे हैं। 
 

श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल 

श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में 120 बेड रिजर्व किए गए हैं। इनमें 20 आईसीयू और 10 जनरल ऑक्सीजन वार्ड के बेड हैं। अस्पताल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि आईसीयू के सभी बेड पूरी तरह भरे हुए हैं। बाकी बेड भी जल्द भर जाएंगे। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में बेड बढ़ाए जा सकते हैं। सीएमआई अस्पताल सीएमआई अस्पताल के निदेशक डॉ. महेश कुड़ियाल ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के लिए 44 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें 30 सामान्य और दो आईसीयू बेड हैं। इसके अलावा 12 बेड इमरजेंसी के लिए रिजर्व रखे गए हैं।उन्होंने बताया कि अभी इमरजेंसी को छोड़कर बाकी सभी 32 बेड भरे हुए हैं। अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजीत गैरोला ने बताया कि कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल के एक अलग हिस्से को रिजर्व किया गया है ताकि अन्य मरीजों को कोई दिक्कत ना हो। यहां स्टाफ भी पूरी तरह अलग है। हिमालयन अस्पताल हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के कोविड-19 नोडल अफसर संजॉय दास ने बताया कि अस्पताल में आईसीयू के 10, जनरल वार्ड के 60 और प्राइवेट व सेमी प्राइवेट वार्ड के 27 बेड रिजर्व किए गए हैं। सभी आईसीयू बेड फुल हैं। इसके अलावा 50 अन्य मरीज भी भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसको देखते हुए अस्पताल प्रबंधन आईसीयू और कोविड-19 बेड बढ़ाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 अस्पताल बिल्कुल अलग बिल्डिंग में खोला गया है। आठ से 15 हजार तक रोजाना का खर्चा प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के मरीजों को आठ से 15 हजार रुपये तक रोजाना चुकाने पड़ रहे हैं। जनरल वार्ड के बेड की रोजाना की फीस आठ हजार रुपये है, जिसमें सामान्य दवाएं और जांच भी शामिल हैं। वहीं, सेमी प्राइवेट बेड 11 हजार, आईसीयू बेड 12 हजार और प्राइवेट बेड 15 हजार रुपये रोजाना पर उपलब्ध हैं। होम आइसोलेशन पर भी भेज रहे मरीज बेड फुल होने के कारण प्राइवेट अस्पताल अब मरीजों को होम आइसोलेशन के लिए भी भेज रहे हैं। ऐसे मरीज जिनकी कोविड-19 की रिपोर्ट पॉजिटिव है लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं है, उन्हें होम आइसोलेशन के लिए भेजा जा रहा है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी 10 दिन में डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिन मरीजों को तीन दिन तक बुखार ना आए या अन्य लक्षण ना दिखें, उन्हें होम आइसोलेशन के लिए भेजा जा सकता है।

देहरादून जिले में चार और इलाके कंटेनमेंट जोन बने 

देहरादून जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मंगलवार को कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद चार इलाकों को और कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। इसमें डोईवाला में दो, देहरादून और विकासनगर में एक-एक इलाके शामिल हैं। कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसका आदेश जारी किया। डीएम ने बताया कि दून स्थित 150/4 धर्मपुर का वह हिस्सा, जिसके पूर्व में मोहम्मद अली व इकबाल का मकान, पश्चिम में एडवोकेट विरेंद्र पांडेय व उत्तर में भट्ट का मकान तथा दक्षिण में रास्ता है, उसे पाबंद कर दिया। डोईवाला स्थित वार्ड-1 मिस्सरवाला कलां का वह भाग, जिसके पूर्व में लाल सिंह रौतेला का मकान, पश्चिम में खाली जमीन, उत्तर में कृषि भूमि तथा दक्षिण में कमान सिंह गुरुंग का मकान मौजूद है, वह कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है।डोईवाला के ही वार्ड-5 बिचली जौली का वह हिस्सा जिसके पूर्व में सड़क, पश्चिम में असरफ अली का मकान, उत्तर में मोहर्रम अली तथा दक्षिण दिशा में अजीर अहमद का मकान है, उसे पाबंद किया गया है। विकासनगर स्थित वार्ड- 14 ग्राम शंकरपुर का वह हिस्सा जिसके पूर्व में रेखा देवी, पश्चिम में अंजू जोशी के मकान तक, उत्तर में भागीरथ के खेत तक तथा दक्षिण में जसवंत सिंह नेगी के मकान तक के इलाके को कंटेनमेंट जोन बना दिया है। 

चार इलाके कंटेनमेंट जोन से मुक्त 

डीएम ने बताया कि नगर निगम देहरादून के गायत्री एन्कलेव बद्रीपुर, विकासनगर स्थित वार्ड-7 कल्याणपुर गीता भवन मार्ग, डोईवाला स्थित वार्ड-10 भानियावाला तथा ग्राम नागल बुलंदावाला को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। यहां कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद 14 दिन एक्टिव सर्विलांस किया गया, लेकिन कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं मिले। मुख्य चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट के बाद इन इलाकों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। एंटी डेंगू-मलेरिया अभियान चला डीएम ने बताया कि जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण टीम ने मेहूंवाला में भगवंतपुर क्षेत्र में 59 घरों का निरीक्षण किया, जिसमें 8 मकानों व 31 कंटेनर में मच्छर का लार्वा मिला, जिसे टीम ने नष्ट कर दिया। साथ ही लोगों को डेंगू-मलेरिया से बचाव आदि की जानकारी भी दी गई। 370 लोग क्वारंटीन किए गए डीएम ने बताया कि मंगलवार को दूसरे राज्यों से जिला पहुंचे 370 लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद क्वारंटीन किया गया है। वहीं, 1201 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने पर 201 लोगों का चालान किया गया। फ्लाइट से 356 प्रवासी जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जबकि 380 यात्री दूसरे राज्यों को रवाना हुए। आशा कार्यकर्ताओं ने 2628 लोगों का फॉलोअप किया। 4722 लोगों का फोन से सर्विलांस किया गया। दो लोगों की काउंसिलिंग की गई।

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