Bjp Leader Jugran Told He Will Go To High Court If Government Not Take Action In Up Mla Aman Mani Case – भाजपा नेता जुगरान ने जताई नाराजगी, कहा- अमनमणि प्रकरण पर कार्रवाई न हुई तो जाऊंगा हाईकोर्ट

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 09 May 2020 12:11 AM IST

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उत्तराखंड के पूर्व दर्जाधारी एवं भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने यूपी के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी प्रकरण में ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने विधायक व उनके साथियों को पास जारी करने वाले अफसरों व लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की तो वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा देंगे।उन्होंने प्रकरण की जांच पर भी सवाल उठाया कि कोई दारोगा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कैसे जांच कर पाएगा? यहां जारी एक बयान में जुगरान ने चिंता जाहिर की कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि सरकार को आपदा एवं महामारी एक्ट के अनुसार विधायक को बदरी केदार जाने की अनुमति पत्र जारी करने वाले व पास बनाने वाले अधिकारी व पुलिस के आला अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
लेकिन यह कार्रवाई नहीं की गई। उत्तराखंड पुलिस ने न तो विधायक एवं उसके साथियों की गिरफ्तारी की। न ही उनको क्वारंटीन किया गया। न ही उनकी गाड़ियां जब्त की गई। उलटा उनको बेरोक टोक उत्तराखंड की सीमाओं में चार जिलों को पार करने की सुविधा दी गई।उन्होंने आशंका जाहिर की कि विधायक एवं उनके साथी यदि कोरोना वायरस से संक्रमित रहे होंगे तो पता नहीं उन्होंने कितने लोगों को संक्रमित किया होगा। उन्होंने कहा कि एक पुलिस दरोगा से इस मामले की जांच कराई जा रही है जोकि अपने आप में ही हास्यास्पद है। पुलिस के कोई दरोगा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध कैसे जांच करेंगे।

उत्तराखंड के पूर्व दर्जाधारी एवं भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने यूपी के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी प्रकरण में ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने विधायक व उनके साथियों को पास जारी करने वाले अफसरों व लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की तो वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा देंगे।

उन्होंने प्रकरण की जांच पर भी सवाल उठाया कि कोई दारोगा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कैसे जांच कर पाएगा? यहां जारी एक बयान में जुगरान ने चिंता जाहिर की कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि सरकार को आपदा एवं महामारी एक्ट के अनुसार विधायक को बदरी केदार जाने की अनुमति पत्र जारी करने वाले व पास बनाने वाले अधिकारी व पुलिस के आला अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी।

लेकिन यह कार्रवाई नहीं की गई। उत्तराखंड पुलिस ने न तो विधायक एवं उसके साथियों की गिरफ्तारी की। न ही उनको क्वारंटीन किया गया। न ही उनकी गाड़ियां जब्त की गई। उलटा उनको बेरोक टोक उत्तराखंड की सीमाओं में चार जिलों को पार करने की सुविधा दी गई।उन्होंने आशंका जाहिर की कि विधायक एवं उनके साथी यदि कोरोना वायरस से संक्रमित रहे होंगे तो पता नहीं उन्होंने कितने लोगों को संक्रमित किया होगा। उन्होंने कहा कि एक पुलिस दरोगा से इस मामले की जांच कराई जा रही है जोकि अपने आप में ही हास्यास्पद है। पुलिस के कोई दरोगा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध कैसे जांच करेंगे।



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